Casein क्या है – Casein Protein Benefits in Hindi

कैसीन एक ऐसा प्रोटीन है, जिसके बारें में बहुत कम ही सुनने को मिलता हैं। शायद व्हे प्रोटीन के बारें में तो आप जानते ही होंगे और आप में से कुछ लोग तो इसका इस्तेमाल भी करते होंगे।

Casein Protein Hindi

जिसप्रकार व्हे प्रोटीन का उपयोग जिम जाने वाले लोग, बॉडीबिल्डर्स और एथलीट द्वारा किया जाता हैं। ठीक उसीप्रकार कैसीन प्रोटीन का इस्तेमाल भी मसल बिल्डिंग या मसल ग्रोथ और अच्छी फिटनेस प्राप्त करने के लिए किया जाता हैं।

Casein प्रोटीन का इस्तेमाल करना जिम जाने वालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है, लेकिन बहुत कम ही लोग इसके फायदे और इस्तेमाल के बारें में जानते हैं।

शायद आप भी कैसीन प्रोटीन के बारें में विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। तो चलिए जानते है इसके बारें में कि कैसीन क्या है, इसके उपयोग, इसके फायदे-नुकसान और इसे कब-कैसे लेना चाहिए।

Casein क्या होता है ? | Casein Protein Meaning in Hindi

कैसीन यह दूध में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जिसे फास्फोप्रोटीन कहते हैं। यह सामान्यतः स्तनधारी प्राणियों के दूध में पाया जाता हैं। यह दूध में पाये जाने वाले प्रोटीन का शुध्दतम रूप होता हैं।

यह धीरे-धीरे पचने वाला (Slow Digesting) डेयरी प्रोटीन होता है, जिसे सामान्यतः सप्लीमेंट के तौर पर लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता हैं।

कैसीन यह एक प्रकार का दूध से बना हुआ कम्पलीट प्रोटीन होता है, जिसमें भरपूर मात्रा में एमिनो एसिड मौजूद होते हैं। इसके साथ ही इसमें कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम और फॉस्फोरस भी अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं।

यह कैसीन प्रोटीन, एमिनो एसिड को बहुत धीरे रिलीज करता हैं। इसका मतलब यह एमिनो एसिड आपके रक्तप्रवाह में लगभग 5 से 7 घंटो में पहुंचता हैं।

गाय के दूध में मुख्यतः दो प्रकार के प्रोटीन मौजूद होते है, कैसीन और व्हेय। गाय के दूध में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन कैसीन प्रोटीन ही होता हैं। इसकी लगभग 80% मात्रा दूध में मौजूद होती है, वहीं शेष बची हुई 20% मात्रा व्हे प्रोटीन की होती हैं।

Casein प्रोटीन कैसे बनता है ? | How Casein Is Made in Hindi

कैसीन प्रोटीन दूध उत्पादों से एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में बनाया जाता हैं। सबसे पहले अलग-अलग डेयरी से गाय के दूध को संग्रहित किया जाता है और उसे प्रोसेस किया जाता हैं।

इसे बनाने की प्रक्रिया में अब दूध को एक निश्चित टेम्परेचर पर गर्म किया जाता है, जिससे दूध में मौजूद हार्मफुल बैक्टीरिया और अशुद्धि नष्ट हो जाती हैं।

इसके बाद धीरे-धीरे दूध को ठंडा कर लिया जाता है और इसके बाद दूध को दही में परिवर्तित कर दिया जाता हैं।

दूध का दही में परिवर्तन होने के बाद इसके अंदर मौजूद ठोस पदार्थों को अलग कर लिया जाता है, जो कॉटेज चीज या पनीर कहलाता है और बचे हुए तरल को भी अलग कर लिया जाता हैं।

इसी ठोस पदार्थ (Solid) में कैसीन प्रोटीन मौजूद होता है और बचे हुए उस तरल (Liquid) में व्हेय प्रोटीन मौजूद होता हैं।

ठोस पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट, फैट और लैक्टोज और प्रोटीन मौजूद होता है जो कॉटेज चीज के रूप में होता हैं। इसके अलावा अलग किया गया तरल व्हेय प्रोटीन होता हैं।

तरल को छोड़कर (क्योंकि तरल में व्हेय प्रोटीन है) अब इस कॉटेज चीज को विभिन्न प्रकार की प्रॉसेस (फिल्ट्रेशन आदि) से गुजारा जाता है और इसके बाद पाउडर के रूप में कैसीन प्रोटीन को अलग कर लिया जाता हैं।

इसके बाद इसमें कुछ डायजेस्टिव एंजाइम, फ्लेवर और शुगर मिलायी जाती है जिससे यह आसानी से पचने योग्य और स्वाद में बेहतर बन जाता हैं।

इसके बाद अलग-अलग पैकेट्स या डिब्बो में कैसीन प्रोटीन को भर दिया जाता है और मार्केट में पहुंचा दिया जाता हैं।

Casein प्रोटीन के फायदे | Casein Protein Benefits in Hindi

कैसीन प्रोटीन का नियमित रूप से सेवन करना बॉडी और फिटनेस के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं। यदि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज करते है तो डाइट में कैसीन प्रोटीन को जोड़ना बहुत ही लाभकारी होता हैं।

इसके साथ ही कैसीन प्रोटीन इस्तेमाल करने से बहुत सारे फायदे मिलते हैं। जैसे –

(1) कैसीन प्रोटीन पूर्णतः शाकाहारी होता है और दूध से ही बनाया जाता हैं।

(2) इसका पाचन धीरे-धीरे होता है, जो अधिक समय तक कैलोरी प्रदान करता है और मेटाबोलिजम को बढ़ाता हैं।

(3) इसमें एमिनो एसिड भी भरपूर मात्रा में उपस्थित होते है जो मसल्स की रिकवरी के लिए मदद करते हैं।

(4) यह मसल लॉस को रोकने में मदद करता हैं। इसलिए क्योंकि यह स्लो डायजेस्ट होता है और अधिक समय तक कैलोरी देता हैं।

(5) वजन बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा प्रोटीन कैसीन ही होता हैं। इसमें भरपूर कैलोरी मौजूद होती हैं।

(6) मसल मास गेन करने के लिए और प्रोटीन गोल्स को पूरा करने के लिए कैसीन प्रोटीन बहुत हेल्पफुल होता हैं

(7) मसल्स की हैपरट्रोफी (अतिवृद्धि) के लिए और ग्रोथ के लिए यह कम्पलीट प्रोटीन सोर्स होता हैं।

(8) यह वजन घटाने और फैट लॉस करने में सहायक होता है, इसलिए क्योंकि यह आपको अधिक खाना खाने से रोकता हैं। जब आप इसे लेते है तो यह पचने में अधिक समय लेता है, जिसके कारण आपकी भूख नियंत्रण में रहती हैं।

(9) कैसीन प्रोटीन फिजिकल परफॉर्मेंस में बढ़ोत्तरी करने में मदद करता हैं।

इसप्रकार कैसीन प्रोटीन का इस्तेमाल करना मसल्स ग्रोथ को बढ़ावा देता हैं। इसके साथ ही आराम से पचने की प्रवृत्ति के कारण यह मसल लॉस को भी रोकता हैं।

यदि आप इसका नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल करते है तो बेशक आप इसका लाभ ले सकते हैं। अनुचिक ढंग या आवश्यकता से अधिक मात्रा में इसका सेवन करना सेहत या बॉडी के लिए हानिकारक हो सकता हैं।

Casein प्रोटीन के नुकसान | Casein Protein Side Effects in Hindi

हालांकि कैसीन प्रोटीन का सेवन करना फायदेमंद ही होता हैं, लेकिन इसे आवश्यकता के अनुरूप, उचित मात्रा में और फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

यदि आप किसी बीमारी से ग्रसित है या एलर्जीक प्रवृत्ति के है तो इसके सेवन से आपको कुछ साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं। जैसे –

  • ब्लोटिंग
  • पेट संबंधी विकार
  • अपच
  • स्किन प्रॉब्लम (Acne)
  • एलर्जी
  • श्वसन तंत्र में समस्या
  • भूख कम लगना

Casein प्रोटीन कब लेना चाहिए ? | Best Time To Take Casein Protein in Hindi

अब बात आती है कि कैसीन प्रोटीन को कब लेना चाहिए। कौन सा समय सबसे बेहतर होता है, जब इसे लिया जाना चाहिए।

कैसीन प्रोटीन को सुबह ब्रेकफास्ट, वर्कआउट के बाद में या रात में सोने से पहले तीनों समय पर लिया जा सकता हैं। लेकिन इसे लेने का सबसे अच्छा और बेहतर समय – सोने से पहले होता हैं।

इसलिए क्योंकि यह स्लो डायजेस्टिंग प्रोटीन है जो धीरे-धीरे पचता हैं। सोने से पहले लेने से फायदा यह होता है कि, सोते हुए भी हमारी बॉडी को प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों की जरूरत मसल्स की रिकवरी के लिए होती हैं।

वैसे भी रात में हम सोते हुए कुछ खा नही सकते हैं। ऐसे में कैसीन प्रोटीन बॉडी में न्यूट्रिशन की जरूरत को पूरा करने में मदद करता है और मसल ग्रोथ को बढ़ाता हैं।

यदि आप इसका नियमित रूप से रात में सोने से 30 मिनट पहले सेवन करते है, तो बेशक आप मसल मास को आसानी से बढ़ा सकते हैं।

Casein प्रोटीन कैसे लेना चाहिए ? | How To Take Casein Protein in Hindi

हालांकि सभी प्रकार के प्रोटीन पाउडर को पानी के साथ लेना ही सबसे अच्छा माना जाता हैं। ठीक उसीप्रकार कैसीन प्रोटीन को भी पानी के साथ मिलाकर लेना चाहिए।

पानी में मिलाकर पीने से इसका पाचन और अवशोषण अच्छी तरह समयानुसार हो जाता हैं। इसे पानी में मिलाकर लेना ही सब्स फायदेमंद होता हैं।

इस्तेमाल करते समय इसके 1 स्टैण्डर्ड स्कूप पाउडर को एक शेकर में 250 से 300 ml पानी लेकर उसमें मिलाना होता हैं। इसके बाद कुछ सेकंड शेक करके, अच्छी मिक्स हो जाने पर आसानी से इसे पीया जा सकता हैं।

Casein प्रोटीन कौन-कौन इस्तेमाल कर सकता हैं ? | Who Can Use Casein Protein in Hindi

यदि आप दुबले-पतले है और वजन बढ़ाना चाहते है, तो आपके लिए यह बहुत ही फायदेमंद प्रोटीन सप्लीमेंट हैं। इसलिए क्योंकि इसमें प्रोटीन के साथ-साथ कार्ब्स, फैट, लैक्टोज, विटामिन & मिनेरल्स की अच्छी मात्रा मौजूद होती है, जो वजन बढ़ाने के लिए सहायक होती हैं।

इसके साथ ही मसल गेन करने या मसल मास बढ़ाने के लिए कैसीन प्रोटीन का सेवन करना बहुत ही अच्छा माना जाता हैं। यह आपके प्रोटीन गोल्स को पूरा करने और मसल ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद करता हैं।

इसके अलावा यदि आप वजन कम करना चाहते है और फैट लॉस करना चाहते है, तब भी Casein प्रोटीन का इस्तेमाल करना बहुत ही फायदेमंद होता हैं। इसलिए क्योंकि, यह स्लो डायजेस्टिंग प्रोटीन है, जिसके कारण यह आपकी भूख पर कंट्रोल रखता है और आपको अधिक खाना खाने से भी रोकता हैं। इसके साथ ही यह आपका मेटाबोलिजम भी बूस्ट करता हैं।

इसप्रकार वजन बढ़ाने, कम करने और सभी प्रकार के फिटनेस गोल्स को प्राप्त करने के लिए कैसीन प्रोटीन का इस्तेमाल किया जा सकता हैं। इसे महिला और पुरुष दोनों इस्तेमाल कर सकते हैं।

Casein प्रोटीन का सेवन सुरक्षित हैं या नहीं ? | Is Casein Protein Safe or Not in Hindi

यह सवाल बहुत से लोगों द्वारा फिटनेस एक्सपर्ट्स से पूछा जाता हैं। आपको बता दें, कैसीन प्रोटीन का इस्तेमाल करना पूर्णतः सुरक्षित (Safe) हैं। इसलिए क्योंकि यह दूध से बनाया जाता है और पूरी तरह शाकाहारी होता हैं।

यदि आप नियमित रूप से और सीमित मात्रा में इसका सेवन करते है तो आपको लंबे समय तक इसके स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिल सकते हैं।

इसमें मौजूद पोषक तत्व आपकी मसल्स और बॉडी फंक्शनिंग को बेहतर बनाने में लगातार मदद करते हैं।

ध्यान रहें, Casein प्रोटीन का सेवन आवश्यकता के अनुरूप और जितना ब्रांड्स ने बताया है उतना ही करना चाहिए। ऐसे में इसका सेवन सुरक्षित माना जाता हैं। एक बात और, इसे छोटे बच्चों और गर्भवती महिला की डाइट में बिल्कुल भी शामिल नहीं करना चाहिए।

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