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फंक्शनल ट्रेनिंग क्या है ? | Functional Training Meaning in Hindi

आज हम जानेंगे फंक्शनल ट्रेनिंग क्या है, आज के इस दौर में हर किसी को एक्सरसाइज करना जरूरी हो गया है चाहें उनकी उम्र कुछ भी हो। हर इंसान को एक्सरसाइज करना ही चाहिए, अगर उन्हे अपने जीवन मे फिट रहना हैं।

Functional Training in Hindi

पुराने जमाने में भी लोग एक्सरसाइज करते थे, पहले भी जिम हुआ करते थे परन्तु आज एक्सरसाइज का ट्रेन्ड बदल चुका हैं। पहले लोग परंपरागत एक्सरसाइज को करना ही पसंद करते थे।

आजकल लोग फिट रहने के लिए अलग-अलग प्रकार की एक्सरसाइज करना चाहते हैं। जैसे – क्रॉसफिट, HIIT, केटलबेल वर्कआउट, फंक्शनल ट्रेनिंग, सर्किट ट्रेनिंग आदि।

ये सभी एक्सरसाइज आपके शारीरिक वृद्धि, मसल्स बढ़ाने, वजन घटाने, शक्ति बढ़ाने और शरीर के सम्पूर्ण विकास में सहायता प्रदान करती हैं। जिनमे से फंक्शनल एक्सरसाइज या फंक्शनल वर्कआउट के बारे में हम बात करने वाले हैं। साथ ही साथ जानेंगे फंक्शनल ट्रेनिंग क्या है और इसके फायदे क्या हैं।

फंक्शनल ट्रेनिंग क्या है ? | Functional Training Meaning in Hindi

शोल्डर प्रेस, लैट पुल डाउन, बेंच प्रेस , स्क्वाट्स जैसी एक्सरसाइज से मसल्स का निर्माण व विकास किया जा सकता हैं। और साथ में वजन पर भी नियंत्रण रखा जा सकता हैं परन्तु शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए ये सभी एक्सरसाइज उपयोगी नही हैं।

शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए फंक्शनल ट्रेनिंग बहुत ही ज्यादा कारगर साबित हुई हैं। कोई भी ऐसी एक्सरसाइज जो आपकी दिनचर्या में सहायता प्रदान करता है, उसे हम फंक्शनल ट्रेनिंग या फंक्शनल एक्सरसाइज कहते हैं।

जैसे- घर में कोई भी भारी सामान उठाना, किसी पलंग या सोफे को खिसकना, भरी हुई पानी की बाल्टी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना ये सभी फंक्शनल ट्रेनिंग के अन्तर्गत आते हैं।

जिसके लिए कार्यात्मक शक्ति की जरूरत पड़ती हैं। Functional Training Workout की सहायता से एक ही समय पर शरीर के कई सारे भागो का वर्कआउट एक साथ ही हो जाता हैं।

फंक्शनल ट्रेनिंग ऐसी एक्सरसाइज है जो कार्डियो और वेट ट्रेनिंग से अलग होती हैं। यह Low Intensity वाला वर्कआउट होता है। हालांकि, यहाँ पर हमें शारीरिक शक्ति की जरूरत तो पड़ती ही हैं।

इसप्रकार की ट्रेनिंग को हम जिम में अच्छे से कर सकते हैं। जिम में फंक्शनल ट्रेनिंग के लिए सभी जरूरी Equipments उपलब्ध होते है जिसकी सहायता से हम आसानी से इसे कर सकते हैं।

फंक्शनल ट्रेनिंग के फायदे | Functional Training Benefits in Hindi

फंक्शनल ट्रेनिंग क्या है यह तो हमने जान लिया। अब जानते है फंक्शनल ट्रेनिंग के फायदे क्या हैं। जिम वर्कआउट और योग के साथ-साथ फंक्शनल ट्रेनिंग का ट्रेन्ड अभी बहुत जोरो पर है क्योंकि इसके बहुत सारे लाभ हैं।

अगर आप भी फंक्शनल ट्रेनिंग वर्कआउट को अपनी दिनचर्या में शामिल करते है तो आप भी इसका भरपूर लाभ ले सकते हैं। तो आइये जानते है फंक्शनल ट्रेनिंग के कुछ फायदों के बारे में।

(1) मसल्स में वृद्धि –

किसी भी वर्कआउट के लगातार प्रयास से आप इसके अभ्यस्त हो जाते है जिससे पहले के अपेक्षाकृत इन्हें तेज गति से कर सकते है और दोहरा सकते हैं। ऐसे में समय के साथ ऊर्जा भी कम लगती है और लागातार एक्सरसाइज से मसल्स में वृद्धि होती हैं।

(2) प्रदर्शन में वृद्धि –

खेलो में एथलीटो के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए फंक्शनल ट्रेनिंग बहुत ही ज्यादा फायदेमंद हैं।

(3) फैट कम करने में सहायक –

एक ही समय में शरीर के कई हिस्सों का वर्कआउट होने से अधिक कैलोरी बर्न होती हैं। जिससे अनावश्य​क फैट (चर्बी) हटने लगती है और वजन कम करने में सहायता मिलती हैं। Functional Training एक्सरसाइज को लगातार करने से आपका वजन भी कंट्रोल में रहता हैं।

(4) Flexibility में वृद्धि –

फंक्शनल एक्सरसाइज करते हुए शरीर के कई जोड़ों की भी एक्सरसाइज हो जाती हैं। इससे घुटने, कोहनी, कंधे और कूल्हों के जोड़ों की शक्ति में वृद्धि होती है और शरीर में लचीलापन (Flexibility) आता हैं।

(5) कोर मसल्स के लिए फायदेमंद –

फंक्शनल ट्रेनिंग वर्कआउट के दौरान कोर मसल्स की भूमिका बहुत अधिक होती हैं। इसमें पेट और पीठ के निचले हिस्से की मसल्स पर तनाव उत्पन्न होता है, जो कोर की शक्ति को बढ़ाती हैं।

(6) जोड़ो के दर्द में कमी –

Functional Training जोड़ो के दर्द को कम करने में बहुत सहायक होती हैं। जिन लोगो को पीठदर्द होता है उनको अगर फंक्शनल ट्रेनिंग करवाई जाए तो उनके पीठदर्द को भी कम किया जा सकता हैं। फंक्शनल ट्रेनिंग फिजिकल थेरेपी पर आधारित होती हैं।

(7) बॉडी पोस्चर में सुधार –

फंक्शनल ट्रेनिंग करने से पीठ के निचले भाग में मसल्स को बहुत अधिक मजबूती मिलती हैं। जिससे कोर मसल्स के साथ-साथ बॉडी के पोस्चर में भी सुधार आता हैं।

(8) इंज्यूरी की संभावना कम –

शरीर के लचीलेपन में वॄद्धि होने से चोट लगने या इंज्यूरी की संभावना कम हो जाती हैं।

(9) शारीरिक संतुलन में वृद्धि –

कोर मसल्स की सहायता से शरीर को सभी दिशाओ में नियंत्रण के साथ गति प्रदान करने से शरीर का संतुलन में वृद्धि होती हैं।

(10) वर्कआउट की Intensity कम –

High Intensity वाले वर्कआउट के विपरीत, फंक्शनल ट्रेनिंग Low Intensity वाले वर्कआउट का संयोजन हैं। अतः यह वर्कआउट जोड़ों और मसल्स पर बहुत अधिक दबाव नहीं डालता हैं।

टॉप 10 फंक्शनल ट्रेनिंग एक्सरसाइज 

(1) जम्प स्क्वाट्स
(2) हिप थ्रस्टर्स
(3) बियर क्राउल्स
(4) फार्मर्स वाल्क
(5) क्रैब रीच
(6) मेडिसिन बॉल थ्रो
(7) साइड लंजेस
(8) शोल्डर टैप पुश अप्स
(9) स्लेड पुश/पुल
(10) प्लैंक वाल्क

फंक्शनल ट्रेनिंग वजन कम करने में सहायक है

फिटनेस एक्सपर्ट्स कहते है, फंक्शनल ट्रेनिंग Weight Loss करने में बहुत ज्यादा सहायक हैं।

स्टडी एंड रीसर्च ने यह साबित कर दिया है कि जिसकी बॉडी अधिक स्वतंत्र रूप से चलने में सक्षम होती है, उनकी बॉडी अधिक से अधिक कैलोरी बर्न करती हैं। साथ ही साथ उनकी बॉडी फैट को भी ज्यादा बर्न करती हैं।

जिसके कारण बॉडी से फैट कम होने लगता हैं। इस ट्रेनिंग के दौरान हमारी बॉडी अपेक्षाकृत ज्यादा Active होती है और Calorie Burning Rate अधिक होता हैं। जिसके प्रभाव में हमारा Weight Loss करना आसान हो जाता हैं।

सामान्य वर्कआउट की तुलना में Functional Training करना वजन घटाने के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होती हैं।

Conclusion – यहाँ पर पूरी जानकारी आपको दी है कि Functional Training क्या है, फायदे और वजन घटाने में यह कैसे सहायक हैं। यह वर्कआउट बहुत ही आसान है और Effective भी हैं। फंक्शनल ट्रेनिंग की सहायता से आप आसानी से वेट लॉस कर सकते है और फिट भी रह सकते हैं।

उम्मीद है, यह पोस्ट ( फंक्शनल ट्रेनिंग क्या है ) आपको पसंद आयी होगी। इसे आप Share भी कर सकते हैं। यदि आपके कोई भी सवाल या सुझाव है तो आप नीचे Comment करके जरूर बताएं। Thank You !!!

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