डेडलिफ्ट के फायदे क्या है ? | Deadlift Benefits in Hindi

जिम में आप एक्सरसाइज तो करते है, लेकिन क्या आपको पता है, डेडलिफ्ट लगाने के फायदे क्या हैं। यदि आप डेडलिफ्ट एक्सरसाइज करते है, तो इसके बेहतर उपयोग और फायदे आदि के बारें में आपको जानना बेहद जरूरी हैं।

Deadlift in Hindi

यह एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो बहुत ही कठीन और रिस्की हैं। डेडलिफ्ट्स लगाने के लिए पूरा ध्यान इस एक्सरसाइज पर केंद्रित करना होता हैं। इसके साथ ही फॉर्म और तकनीक का भी विशेष रुप से ध्यान रखना होता हैं।

गलत फॉर्म और तकनीक से डेडलिफ्ट्स लगाने के दौरान आपको इंजुरी का सामना भी करना पड़ सकता हैं।

हालांकि वजन घटाने, मसल बिल्डिंग और किसी भी प्रकार के फिटनेस गोल को प्राप्त करने के लिए डेडलिफ्ट एक्सरसाइज करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता हैं।

तो चलिए विस्तार से जानते आखिर डेडलिफ्ट क्या है, इसके फायदे क्या है और इसे कैसे लगाया जाता हैं।

डेडलिफ्ट क्या है ? | Deadlift Meaning in Hindi

डेडलिफ्ट एक प्रकार की वजन उठाने-रखने या वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज होती है, जिसमें बार्बेल या डम्बल को जमीन की सतह से कमर के लेवल तक दोनों हाथों की मदद से उठाया जाता है और वापस नीचे रखा जाता हैं।

यह एक कंपाउंड मूवमेंट होता है, जिसमें बॉडी के लगभग सभी मसल पार्ट्स (सिर से लेकर पैरों तक) पर तनाव पड़ता हैं। यह पावर लिफ्टिंग एक्सरसाइज भी कहलाती हैं।

डेडलिफ्ट को ‘किंग ऑफ ऑल एक्सरसाइज’ भी कहते हैं। इसलिए क्योंकि, इस एक्सरसाइज को करने के दौरान अन्य किसी भी एक्सरसाइज की तुलना में सबसे ज्यादा मसल ग्रुप और जॉइंट्स एक साथ एक्टिव रूप से काम करते हैं।

इसे एक विशेष फॉर्म और तकनीक की मदद से लगाया जाता है, जो डेडलिफ्ट एक्सरसाइज को अधिक प्रभावी बनाता हैं। इसके साथ ही बॉडी पोस्टर को सुधारने में डेडलिफ्ट्स एक्सरसाइज करना बहुत हेल्पफुल होता हैं।

डेडलिफ्ट एक्सरसाइज किस मसल के लिए होती है ?

डेडलिफ्ट, यह तीन तरह के पावर मूवमेंट या पावर लिफ्टिंग एक्सरसाइज में से एक होती हैं। बेंच प्रेस, स्क्वाट्स और डेडलिफ्ट्स यह तीनों पावर लिफ्टिंग एक्सरसाइज की श्रेणी में आते हैं।

हालांकि यह एक कंपाउंड एक्सरसाइज है, जिसे करने के दौरान दो या दो से अधिक मसल्स को एक ही समय पर टारगेट या ट्रेन किया जा सकता हैं।

डेडलिफ्ट एक्सरसाइज करने के दौरान हमारी बॉडी के बहुत से मसल ग्रुप्स काम करते हैं। जैसे –

  • Quadriceps (थाई का अग्र भाग)
  • Hamstring (थाई का पश्च भाग)
  • Glutes (कूल्हे)
  • Inner Thigh (थाई का अंदर वाला भाग)
  • Spinal Erectors (रीढ़ की हड्डी में सुधारक)
  • Lats (पीठ वाला हिस्सा)
  • Rhomboids (पीठ का बीच वाला हिस्सा)
  • Trapes (बैक का ऊपरी हिस्सा)
  • Abs & Obliques (पेट के हिस्से)
  • Arms (हाथ के हिस्से)

यह सभी मसल्स डेडलिफ्ट्स लगाने के दौरान कार्यरत होते हैं। यह एक कठिन एक्सरसाइज होती है, लेकिन सबसे ज्यादा फायदेमंद भी होती हैं। आपको बता दें, परम्परागत डेडलिफ्ट एक्सरसाइज ग्लूट्स और थाई के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होती हैं।

डेडलिफ्ट के फायदे (सबसे बड़े) क्या है ? | Deadlift Benefits in Hindi

यह सभी प्रकार की एक्सरसाइज तुलना में सबसे बेहतरीन एक्सरसाइज होती है, जो एथलीट, बॉडीबिल्डिंग करने वाले लोग, फिटनेस फ्रिक्स, स्पोर्ट पर्सन, वजन कम करने वाले और रेगुलर जिम जाने वाले लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक होती हैं।

इस एक्सरसाइज को करने से हमारें बॉडी के सम्पूर्ण अंगों पर प्रभाव पड़ता है और बॉडी को शारीरिक और मानसिक रूप से काफी लाभ मिलते हैं।

डेडलिफ्ट्स लगाने के फायदे बहुत से हैं। जैसे –

(1) परफॉरमेंस में बढ़ोत्तरी होती हैं –

डेडलिफ्ट्स लगाने बॉडी के परफॉरमेंस में वृद्धि होती हैं। इसलिए क्योंकि जब आप जमीन से भार को उठाते है, तब बॉडी की पावर का सबसे अधिक इस्तेमाल होता हैं। जिसके फलस्वरूप आप वजन को बार-बार उठाते है और आपका परफॉर्मेंस बेहतर होता जाता हैं।

(2) ताकत (स्ट्रेंथ) में वृद्धि होती हैं –

यह एक पावर और कंपाउंड मूवमेंट एक्सरसाइज होती है, जिसे करने के लिए अधिक ऊर्जा और शक्ति की जरूरत पड़ती हैं। जब आप जमीन से अतिरिक्त भार को बार-बार उठाते है और वापस जमीन पर रखते है, तब आपकी स्ट्रेंथ में बढ़ोत्तरी होती हैं।

Deadlift Benefits in Hindi

(3) सहनशीलता (एंड्यूरेन्स) बढ़ती हैं –

जब आप डेडलिफ्ट्स लगाते है, तब आप अपनी पूरी ताकत को एक्सरसाइज में लगा देते हैं। हालांकि इस एक्सरसाइज के दौरान पर्याप्त वेट लिफ्ट करना भी एक चैलेंज होता हैं। पूरी ताकत को झोंक देने के बाद बार-बार रेपीटीशन करने पर आपकी बॉडी अतिरिक्त भार को सहन करते हुए एक्सरसाइज को पूरा करती है, जिसके फलस्वरूप सहन करने की शक्ति (सहनशीलता) में वृद्धि होती हैं।

(4) मसल ग्रोथ को बढ़ावा मिलता हैं –

डेडलिफ्ट्स लगाने से सम्पूर्ण शरीर के अंग एक्टिव हो जाते है और मसल्स पर अधिक तनाव पड़ता हैं। इस एक्सरसाइज को करने से ग्लुट्स, हैमस्ट्रिंग और क्वाड्स आदि मसल ज्यादा से ज्यादा ब्रेकडाउन होते हैं। इसके साथ ही बॉडी में रक्त संचार बढ़ जाता हैं। जिसके फलस्वरूप ब्रेकडाउन मसल्स तक सही न्यूट्रिशन बहुत जल्दी और सही मात्रा में पहुंच जाता है और मसल्स की रिकवरी बेहतर होती हैं। इसके अलावा डेडलिफ्ट्स एक्सरसाइज से मेटाबोलिजम भी बूस्ट होता है और इन सब के प्रभाव में मसल ग्रोथ को बढ़ावा मिलता हैं।

(5) फैट लॉस करने में मदद मिलती हैं –

डेडलिफ्ट्स लगाते समय अधिक ऊर्जा और कैलोरी की जरूरत पड़ती हैं। इसलिए क्योंकि यह कंपाउंड पावर मूवमेंट एक्सरसाइज है, जिसमें एक ही समय पर बहुत सारे मसल और जॉइंट्स एक साथ काम करते हैं। जिसके लिए अधिक ऊर्जा की जरूरत पड़ती हैं। वर्कआउट के दौरान जब आपकी बॉडी में फूड के फॉर्म में मौजूद कैलोरी खत्म होने लगती है, उसके बाद आपकी बॉडी अतिरिक्त फैट और ग्लाइकोजन को ईंधन के रूप में उपयोग में लाती हैं। जिसके फलस्वरूप बॉडी कैलोरी के रूप में फैट को जलाती है और आपका फैट कम होना शुरू हो जाता हैं। डेडलिफ्ट्स एक्सरसाइज को सप्ताह में दो से तीन बार लगाने पर आप इसके बेहतर परिणाम भी देख सकते हैं।

(6) टेस्टोस्टेरॉन और ग्रोथ हॉर्मोन में वृद्धि होती हैं –

डेडलिफ्ट एक्सरसाइज के दौरान पूरे ध्यान को एक्सरसाइज पर केंद्रित करना जरूरी होता हैं। एक्सरसाइज के दौरान पूरे फोकस के साथ डेडलिफ्ट्स के 8 से 10 रेप्स 3 से 4 सेट में लगाने पर आपकी बॉडी ग्रोथ हॉर्मोन और टेस्टोस्टेरॉन हॉर्मोन को रिलीज या प्रोड्यूस करना शुरू करती हैं।

(7) बॉडी पोस्चर सुधरता हैं –

डेडलिफ्ट लगाते समय फॉर्म और तकनीक का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता हैं। जब आप डेडलिफ्ट एक्सरसाइज करते है तब आपकी बॉडी में सिर से पांव तक एक साथ तनाव उत्पन्न होता हैं। जिसके कारण आपका बैक एक बहुत ही अच्छी स्थिति में आ जाता है और कोर सेक्शन की स्टेबिलिटी बढ़ जाती हैं। इसके अलावा आपकी बॉडी अतिरिक्त वजन को जमीन से गुरुत्वाकर्षण के विपरीत उठाती है, जिससे रीढ़ की हड्डी की फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ बढ़ती है और बॉडी के पोस्चर में सुधार आता हैं।

(8) जॉइंट्स मजबूत होते हैं –

इस एक्सरसाइज को करने से लोअर बॉडी और अपर बॉडी के सभी जॉइंट्स पर भार आता है, जिसके फलस्वरूप बॉडी नके जॉइंट्स मजबूत बनते है और अच्छी तरह काम करते हैं।

Deadlift Gripping in Hindi

(10) ग्रिपिंग मजबूत होती हैं –

डेडलिफ्ट्स लगाते समय सबसे जरूरी, बार्बेल या डम्बल को अच्छी तरह पकड़ना होता हैं। अधिक वेट को लिफ्ट करने के लिए ग्रिपिंग भी कस के करनी पड़ती है, जिससे आपकी ग्रिपिंग मजबूत होती हैं। किसी भी एक्सरसाइज में पकड़ जितनी मजबूत होती है, वह एक्सरसाइज उतनी ही ज्यादा इफेक्टिव बनती हैं।

(11) समय की बचत और ज्यादा मसल काम करते हैं –

डेडलिफ्ट एक कंपाउंड एक्सरसाइज है, जो एक ही समय पर शरीर के लगभग सभी अंगों को ट्रेन करने में मदद करती हैं और बहुत से मसल्स एक साथ काम करते हैं। इससे एक ही समय पर सभी बड़े मसल्स (चेस्ट को छोड़कर) का व्यायाम आसानी से हो जाता हैं। जिसके फलस्वरूप आपके समय की काफी बचत होती हैं।

इसप्रकार डेडलिफ्ट्स एक्सरसाइज करने के कई सारे लाभ हैं। यदि आप नियमित रूप से सप्ताह में दो से तीन बार डेडलिफ्ट वर्कआउट करते है तो बेशक ही यह आपके फिटनेस को बेहतर बना सकती हैं।

ध्यान रहें, यदि आप बिगिनर्स है और आप डेडलिफ्ट एक्सरसाइज कर रहे है, तब आपको किसी फिटनेस ट्रेनर को सम्मुख रखकर ही इसे करना चाहिए।

इसके अलावा एक्सरसाइज के दौरान ईगो लिफ्टिंग या फिर जरूरत से अधिक भार उठाने की कोशिश न करें, ऐसा करना किसी बड़ी इंज्यूरी का कारण बन सकता हैं।

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