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कंपाउंड एक्सरसाइज क्या है ? | Compound Exercise Meaning in Hindi

कंपाउंड एक्सरसाइज क्या होती है : अच्छे स्वास्थ्य और फिटनेस की चाहत रखने वालो के लिए एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी होता हैं। अच्छी लाइफस्टाइल के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना भी जरूरी होता हैं।

Compound Exercise Meaning in Hindi

फिट रहने के लिए आप कई सारी एक्सरसाइज कर सकते हैं। जैसे- रनिंग, साइकिलिंग, तैराकी, पैदल चलना आदि को अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप अपनी फिटनेस का ध्यान रख सकते हैं। आप चाहे तो अपने पसंदीदा खेल को खेलते हुए भी अपनी फिटनेस बरकरार रख सकते हैं।

और अगर आप ज्यादा अच्छी फिटनेस चाहते है तो जिम आपके लिए सबसे अच्छा उपाय हो सकता हैं। जहाँ आप अलग-अलग प्रकार की एक्सररसाइज करके अपने बॉडी को अच्छे से ट्रेन भी कर सकते है और अपने फिटनेस को नेक्स्ट लेवल पर ले जा सकते हैं।

भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को हफ्ते में लगभग 150 से 180 मिनट वर्कआउट अवश्य करना चाहिए। हालांकि, शरीर के हर हिस्से की एक्सरसाइज के लिए इतना समय भी पर्याप्त नहीं हैं।

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारे पास समय की बहुत कमी हैं। हम अपने कामो में इतने व्यस्त हो जाते है कि एक्सरसाइज के लिए समय ही नही निकल पाते। इस समस्या का सबसे सरल और बेहतर उपाय है ‘कंपाउंड एक्सरसाइज’

इस एक्सरसाइज के जरिए एक ही समय में कई मांसपेशियों के समूहों (Muscle Group) को टारगेट किया जा सकता हैं। जिससे आपके समय की बचत हो सकती हैं।

आप थोड़े से समय में इन एक्सरसाइज को करके फिट रह सकते हैं। इन एक्सरसाइज को आप घर पर, पार्क या फिर जिम में आसानी से कर सकते हैं।

कंपाउंड एक्सरसाइज क्या है ? | Compound Exercise Meaning in Hindi

ऐसी एक्सरसाइजेस, जिन्हें करते हुए दो या दो से अधिक मसल्स को एक साथ टारगेट किया जा सकता है, कंपाउंड एक्सरसाइज कहलाती हैं। उदाहरण – पुश-अप्स, पुल-अप्स, स्क्वाट्स, लंजेस, डेडलिफ्ट्स इत्यादि।

इस एक्सरसाइज के दौरान आपके दो या दो से अधिक ज्वाइंट्स और मसल्स एक साथ काम करते हैं।

कंपाउंड एक्सरसाइज के फायदे | Compound Exercise Benefits in Hindi

यह ऐसी एक्सरसाइज है जिसमें एक ही वक्त में कई मांसपेशियों के समूहों का वर्कआउट हो जाता हैं। कंपाउंड एक्सरसाइज के कई लाभ/फायदे हो सकते हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-

(1) मसल्स में वृद्धि –

कंपाउंड एक्सरसाइज के दौरान चूंकि आप भारी वजन उठा सकते हैं, इससे मसल्स की वृद्धि अन्य एक्सरसाइज की तुलना में अधिक होती है।

(2) ज्यादा से ज्यादा कैलोरी खपत –

एक ही समय में शरीर की विभिन्न मसल ग्रुप को टारगेट करके निर्धारित समय में अधिक कैलोरी बर्न की जा सकती हैं।

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(3) दिल को मजबूत बनाता है –

एरोबिक एक्सरसाइज से अपेक्षाकृत कम समय में कंपाउंड एक्सरसाइज को करते हुए आप हृदय और फेफड़ों की क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं।

(4) फ्लेक्सिबिलिटी में वृद्धि –

Compound एक्सरसाइज करते हुए शरीर के कई जोड़ों की भी एक्सरसाइज हो जाती है। इससे घुटने, कोहनी, कंधे और कूल्हों के जोड़ों की शक्ति में वृद्धि होती है और शरीर में लचीलापन (flexibility) आता हैं।

(5) बेहतर समन्वय –

एक ही व्यायाम में शरीर के कई हिस्सों को शामिल करने से शरीर की गतिविधियों में समन्वय भी अच्छा बना रहता है। इससे आंखों और हाथ के समन्वय में सुधार होता है साथ ही शरीर में संतुलन और स्थिरता बनी रहती हैं।

(6) ताकत में वृद्धि –

कंपाउंड एक्सरसाइज को करते हुए जब आप अधिक वजन उठाते है तब आपकी ताकत (Strength) में वृद्धि होती हैं।

(7) वजन घटाने में सहायक –

जब आप Compound Exercise करते है तब आपकी बॉडी में कैलोरी बर्निंग रेट अधिक हो जाता है और तब अगर आप Diet deficit प्रोग्राम को फॉलो करते हो, मतलब आप अपनी डेली कैलोरी इन्टेक से कम कैलोरी इन्टेक करते हो तब यह आपके वजन को कम करने में सहायक होती हैं।

(8) समय की बचत –

इस एक्सरसाइज को प्रयोग में लाने से आप कई तरह के लाभ के साथ अपना समय भी बचा सकते हैं। जिम में जब आप किसी एक मसल ग्रुप को टारगेट करते हुए एक्सरसाइज करते हैं तो उसमें एक घंटे से भी अधिक का वक्त लग जाता हैं।

वहीं आप कंपाउंड एक्सरसाइज के माध्यम से कम समय में अधिक से अधिक मसल ग्रुप को टारगेट कर सकते हैं। कंपाउंड एक्सरसाइज करने से आपका समय भी बचेगा और आपको बहुत आनंद मिलेगा।

(9) अधिक से अधिक Weight उठाने की आजादी –

कंपाउंड लिफ्ट एक्सरसाइज में एक ही समय में शरीर की कई मांसपेशियों में तनाव उत्पन्न किया जा सकता है। उदाहरण के लिए डेडलिफ्ट्स, ऐसी कंपाउंड एक्सरसाइज है जिसे करते हुए आप अपने सम्पूर्ण शरीर को Active कर सकते हैं। जब आप डेडलिफ्ट्स लगाते है तब आपके ग्लुट्स, हैमस्ट्रिंग, लैट और शोल्डर मसल्स पर सबसे ज्यादा तनाव पड़ता हैं।

(10) मेटाबॉलिजम में वृद्धि –

Compound Exercise करने से वर्कआउट के समय पर ज्यादा से ज्यादा कैलोरी की खपत होती हैं। और जब आप वर्कआउट के बाद आराम करते है, उस समय भी आपकी बॉडी में कैलोरी बर्निंग रेट अपेक्षाकृत अधिक ही होता है जिससे आपके मेटाबॉलिजम (Metabolism) में वृद्धि होती हैं।

इसप्रकार कंपाउंड एक्सरसाइज बहुत ही लाभदायक होती हैं। यदि आप भी इन एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल करते है तो बेशक कंपाउंड एक्सरसाइज के फायदे आपको मिलने वाले हैं।

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कंपाउंड एक्सरसाइज के उदाहरण 

(1) डेडलिफ्ट 

(2) स्क्वाट्स 

(3) लंजेस 

(4) बारबेल रोविंग 

(5) लेट पुल डाउन 

(6) डिप्स 

(7) पुश अप्स 

(8) शोल्डर प्रेस 

(9) पुल ओवर 

(10) जम्प रोप 

कंपाउंड एक्सरसाइज की सावधानियां 

इस एक्सरसाइज के दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या गलत तकनीक आपके लिए परेशानियां पैदा कर सकती हैं। व्यायाम के दौरान लगने वाली चोट या किसी प्रकार की इंज्यूरी से बचने के लिए कुछ बातों को अवश्य ध्यान में रखें –

किसी भी एक्सरसाइज को करने से पहले उसके चरणों को अच्छी तरह समझ लेना बेहद जरूरी होता है। डेडलिफ्ट्स, स्क्वाट्स या हिप थ्रस्टर्स जैसे कठिन एक्सरसाइज के दौरान और अधिक सावधानी की जरूरत होती है।

शुरुआत में ही वजन के साथ इस तरह के एक्सरसाइज को करने के बजाय बिना वजन के ही इनका अभ्यास करें। एक्सरसाइज के सभी Steps को अच्छी तरह से समझने के बाद ही वजन के साथ इनको अभ्यास में लाएं।

ऐसी कंपाउंड एक्सरसाइज, विशेष रूप से जिनमें वजन का उपयोग होता है, उन्हें ट्रेनर्स की देखरेख में ही करें। जिससे वर्कआउट के दौरान आपसे तकनीक में कोई गलती न हो और चोट या इंज्यूरी का डर न रहें।

सभी तरह की Compound Exercise को सही Form एंड Technique के साथ पूरी सावधानी से करना चाहिए।

Compound Exercises Meaning in HIndi

कंपाउंड एक्सरसाइज के लिए टिप्स

अन्य वर्कआउट की तुलना में कंपाउंड एक्सरसाइज वाले वर्कआउट उच्च तीव्रता (High intensity) वाले होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप इसमें अधिक कैलोरी बर्न होती हैं। इनसे Metabolism और मसल्स की वृद्धि को बढ़ावा भी मिलता है।

Compound Exercise के दौरान एक ही समय में कई जोड़ों और मसल्स ग्रुप को टारगेट किया जाता है। यही कारण है कि यह एक्सरसाइज ज्यादा Effective और समय की बचत करने वाली होती हैं।

इसमें कुछ एक्सरसाइज प्रारंभिक स्तर के भी होते हैं, जिन्हें बिना किसी इक्विपमेंट के किया जा सकता है। बॉडीवेट संस्करण, इसी के उदाहरण हैं।

दूसरी ओर वेटेड कंपाउंड एक्सरसाइज अपेक्षाकृत अधिक Intensity वाले होते हैं जो आपकी Strength और फिटनेस को बढ़ाने में सहायक हैं।

सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि इन एक्सरसाइज को सही तरीके से किया जाना चाहिए। एक्सरसाइज के साथ संतुलित आहार और शरीर को पूरा आराम देना भी बहुत आवश्यक होता हैं।

निष्कर्ष – इस पोस्ट के माध्यम से कंपाउंड एक्सरसाइज क्या है, इसके बारे में पूरी जानकारी आपको मिल गयी होगी। अगर आपके कोई भी सवाल या सुझाव है तो नीचे Comment करके जरूर बताएं। Thank You !!!

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