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सुपरसेट वर्कआउट क्या है ? | Superset Meaning in Hindi

सुपरसेट क्या है : अगर आप रेगुलर जिम जाने वाले लोगों में से है तो आपने Superset का नाम तो सुना ही होगा, लेकिन सुपरसेट वर्कआउट क्या हैं ? इसके बारें में आपको शायद ही पता होगा।

Superset Meaning in Hindi

कई लोग ऐसे भी होते है जो काफी टाइम से जिम कर रहे है परन्तु उन्हें भी सुपरसेट वर्कआउट क्या होता हैं, इसके बारें में कोई जानकारी नहीं होती हैं।

सुपरसेट एक ऐसी तकनीक है, जिसकी मदद से आप मसल्स में आसानी से अतिवृद्धि कर सकते है और बॉडी को मस्क्युलर बना सकते हैं। अधिकांश बॉडीबिल्डर्स और फिटनेस फ्रीक्स सुपरसेट का इस्तेमाल करते है और सुपरसेट एक्सरसाइज करने से उन्हें बहुत से फायदे भी मिलते हैं।

तो चलिए जानते है सुपरसेट वर्कआउट (Superset Meaning in Hindi) क्या है, इसे कैसे करते है और इसके फायदे क्या हैं।

सुपरसेट क्या होता है ? | Superset Meaning in Hindi

सुपरसेट ऐसी तकनीक है जिसे आप किसी भी वर्कआउट को करते समय उपयोग में ला सकते हैं।

किन्ही भी दो एक्सरसाइज को बिना रुके एक ही समय और एक ही सेट में पूरा करना, सुपरसेट कहलाता हैं। सुपरसेट में किन्ही भी दो एक्सरसाइज को एक ही सेट में पूरा करना होता हैं। इन दोनों एक्सरसाइज के बीच कोई भी रेस्ट नहीं होता हैं। दोनों एक्सरसाइज को बिना रुके एक ही सेट में पूरा करना ही सुपरसेट कहलाता हैं।

उदाहरण के लिए – बाइसेप्स और ट्राइसेप्स की किसी भी दो एक्सरसाइज को एक ही सेट में पूरा करना। जैसे- बारबेल बाइसेप्स कर्ल और ट्राइसेप्स स्कल क्रशर्स को एक ही सेट में पूरा करना।

यहाँ पर आप एक सेट में 8 रेप्स बाइसेप्स कर्ल और 8 रेप्स स्कल क्रशर्स के लगाकर अपना 16 रेप्स का एक सुपरसेट पूरा कर सकते हैं।

जरूरी नहीं है कि आप अलग-अलग मसल्स की एक्सरसाइज करे, आप केवल बाइसेप्स मसल्स की भी दो अलग-अलग एक्सरसाइज बिना रुके कर सकते हैं। यह भी आपका Superset ही कहलाता हैं।

जैसे – डम्बल कर्ल्स और हैमर कर्ल्स एक्सरसाइज को एक ही सेट में पूरा करना। यह दोनों एक्सरसाइज आपके बाइसेप्स मसल को ही ट्रेन करती हैं।

सीधा मतलब यह है कि, आपको कोई भी दो एक्सरसाइज बिना रेस्ट लिए करना है, यही सुपरसेट का मतलब होता हैं। दूसरी भाषा में, बाइसेप्स का एक सेट और ट्राइसेप्स का एक सेट दोनो को बिना रूके एक साथ पूरा करना सुपरसेट वर्कआउट के अंतर्गत आता हैं।

किन्ही भी दो मसल्स जैसे – बाइसेप्स और ट्राइसेप्स, चेस्ट और शोल्डर, शोल्डर और ट्राइसेप्स, चेस्ट और ट्राइसेप्स, बैक और बाइसेप्स, शोल्डर और लेग्स आदि को आप सुपरसेट की मदद से आसानी से ट्रेन कर सकते हैं।

सुपरसेट कैसे लगाते है ? | How To Do Superset Workout in Hindi

यह सवाल बहुत बार पूछा जाता है कि, सुपरसेट कैसे लगाते हैं। तो चलिए जानते है सुपरसेट एक्सरसाइज करने के तरीके क्या हैं।

अगर आप किसी दिन बाइसेप्स और ट्राइसेप्स का वर्कआउट एक साथ कर रहे है तब आप इस वर्कआउट को Superset की मदद से आसानी से पूरा कर सकते हैं।

इसमें आप बाइसेप्स वर्कआउट की कोई भी एक एक्सरसाइज जैसे हैमर कर्ल्स और ट्राइसेप्स वर्कआउट की एक एक्सरसाइज जैसे ट्राइसेप्स केबल पुश डाउन को एक साथ कर सकते हैं।

आपको हैमर कर्ल्स के 8 रेप्स का एक सेट करना और बिना रेस्ट लिए तुरन्त ट्राइसेप्स केबल पुश डाउन के 8 रेप्स का एक सेट करना हैं। इसप्रकार टोटल 16 रेप्स का आपका एक सुपरसेट पूरा होगा।

ऐसे ही आप एक-एक एक्सरसाइज के तीन से चार सुपरसेट कर सकते है, जिसमें दो एक्सरसाइज का कॉम्बिनेशन होना जरूरी हैं।

यहाँ पर मैंने उदाहरण के लिए बाइसेप्स और ट्राइसेप्स को लिया हैं। आप किन्ही भी दो मसल्स को सुपरसेट की मदद से ट्रेन कर सकते हैं।

Superset लगाते समय आपको रेप रेंज का विशेष ध्यान रखना हैं। आपको 15-16 से अधिक रेप्स किसी भी सुपरसेट में नहीं लगाने हैं।

सुपरसेट वर्कआउट के फायदे | Superset Benefits in Hindi

सुपरसेट लगाना या करना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता हैं। अगर आप इसे बेहतर फॉर्म और तकनीक के साथ करते है तो बेशक यह आपके बॉडी में बदलाव लाने में मदद करेगा।

(1) सुपरसेट का सबसे बड़ा लाभ यह है कि, इसे करने से समय की बहुत ज्यादा बचत होती हैं।

(2) इसे करने से आपके वर्कआउट की तीव्रता (Intensity) बढ़ती हैं।

(3) Superset Workout की मदद से मसल पर अधिक से अधिक ओवरलोड किया जा सकता है, जिससे आपके मसल्स ग्रोथ में बढ़ोत्तरी होती हैं।

(4) यह आपके मांसपेशियों (Muscles) में वृद्घि करने में मदद करता हैं।

(5) सुपरसेट की मदद से आप अपने वर्कआउट को चुनौतीपूर्ण बना सकते है और मसल मास को आसानी से बढ़ा सकते हैं।

(6) सुपरसेट की सहायता से फैट कम करना आसान हो जाता हैं। इसलिए क्योंकि कभी-कभी यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण होता है और अपेक्षाकृत अधिक कैलोरी बर्न होती हैं। जिससे मसल ग्रुप पर अधिक तनाव पड़ता है और उस स्थान से फैट कटना शुरू हो जाता हैं।

(7) यह आपके मसल अतिवृद्धि (Hypertrophy) को बढ़ाता हैं।

(8) सुपरसेट के दौरान मसल फाइबर्स बहुत ज्यादा टूटते है और मसल में बड़ा पम्प आता है, जिससे मसल साइज बढ़ाने में मदद मिलती हैं।

निष्कर्ष – Superset कभी भी दो एक्सरसाइज को मिलाकर कर ही करना चाहिए। इसे करते समय आपका फॉर्म सही होना चाहिए। इसके साथ ही बेहतर तकनीक के साथ सुपरसेट लगाना चाहिए।

यह आपके लिए चुनौतीपूर्ण भी हो सकता हैं। इसे करते समय आपको बहुत ज्यादा वेट को लिफ्ट नहीं करना है, आपको मॉडरेट वेट लिफ्ट करना हैं।

किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में आपको सुपरसेट नहीं लगाना हैं। इससे इंज्यूरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

इसप्रकार आप सुपरसेट को अपने वर्कआउट में शामिल कर सकते है और इसके बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

उम्मीद है, सुपरसेट वर्कआउट क्या है (Superset Meaning in Hindi) और इसके बारें में सही और स्पष्ट जानकारी आपको मिल गयी होगी। अगर पोस्ट पसन्द आयी है तो इसे अपने Facebook या WhatsApp ग्रुप में जरूर Share करें।

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Ashu Pawar

Ashu Pawar (Co-founder & Editor) is an ACE-certified personal trainer & gym instructor with more than 7 years of experience in the fitness industry. He also has a diploma in nutrition & dietetics. He specializes in weight loss training, muscle-building workouts, and nutrition & supplementation. He is also passionate about writing fitness and sports blogs. As an editor, he edits and curates content centered around fitness, sports, lifestyle, beauty, grooming, nutrition, and supplements. He also helps team members deliver polished and meticulously researched content. Expertise: Fitness, Sports, Grooming, Gym Instructions, Weight Loss/Gain, Nutrition & Supplements.

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